Wednesday, December 1, 2010

रचना को इस तरह से खुले में छोड देने से


- सारथी

हरेक को याद दिलाना चाहता हूँ. ...उनकी शर्तें एकदम उदार हैं... उनका तर्क यह है कि ... रचना को इस तरह से खुले में छोड देने से “विचार आगे बढते हैं”.

- सारथी

सन्दर्भ: सारथी
लिंक: http://sarathi.info/archives/2565

Monday, November 29, 2010

रचना इंटरनेट पर भी उपलब्‍ध है


- अशोक पांडे

यह रचना इतनी लोकप्रिय है कि सामान्‍यत:... लोग सहज भाव से इस ... रचना का ... यह रचना इंटरनेट पर भी उपलब्‍ध है

- अशोक पांडे

सन्दर्भ: खेती-बाड़ी
लिंक: http://khetibaari.blogspot.com/2010/10/blog-post.html

Saturday, November 27, 2010

इस रचना से छेड़छाड़ करना मूर्खता है...

बाँध कर रखा नहीं जा सकता है... नारी ... की एक बेहतरीन रचना है और इस रचना से छेड़छाड़ करना मूर्खता है.

सन्दर्भ: काव्य मंजूषा
लिंक: http://swapnamanjusha.blogspot.com/2010/11/blog-post_15.html